“स्वयंसंगिरथी

इस संग्रह के शब्दों को मैं

अपने देश ............

शब्द संग्रह:- ०१

आलोचनाएँ को खनन करना,

प्रश्नो की कटार से ?.......

शब्द संग्रह:- ०३

शब्द-संग्रह-०४

स्वर उठता है। राम कथन से,

सतयुग के सिता से ।........

शब्द संग्रह:- ०५

शब्द संग्रह:-०६

प्राणवस्तु तो परम पुण्य है।

निश्छल, निर्मल, कोमल भी।.....

शब्द संग्रह:- ०७

तीन वर्ष का, हुआ जगत में ।

लोग हुए तब । हितकारी ।......

शब्द संग्रह:-०८

सत्य कहा करते समाज में,

समय बड़ा बलशाली है ।....

प्रसंग: ०९

अजब समस्या, शीतल मन में,दृग से दृश्य कुछ दिखता है ।देखना भी न चाहता, तनिक मन मेरा,